शोक न करो मेरी मृत्यु का
नाद न लगाओ न्याय का
दीपक न जलाओ मेरी स्मृति का
पुष्पों से न सज्जा करो मेरी देह का
केवल एक शपथ लो मेरी चिता की अग्नि का
फिर न वासना से अंत हो किसी निर्भया का
फिर न कोई निर्भया हो
फिर न कोई निर्भया हो
This site is an original collection of my literary creations like poems and stories.
शोक न करो मेरी मृत्यु का
नाद न लगाओ न्याय का
दीपक न जलाओ मेरी स्मृति का
पुष्पों से न सज्जा करो मेरी देह का
केवल एक शपथ लो मेरी चिता की अग्नि का
फिर न वासना से अंत हो किसी निर्भया का
फिर न कोई निर्भया हो
फिर न कोई निर्भया हो
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