भाई , मेरे मायके की तू शान है ,
तुझसे ही मेरा मान है ।
कलाई पर तेरी मेरी जब राखी मुसकाती है ,
बचपन की स्मृति नैन – नम कर जाती है ।
मेरे पिता की तू निर्मल छवि है ,
मेरी रक्षा का तू वचन है ।
तेरा सानिध्य माँ के जैसे सुकोमल है ,
रूठने – लड़ने का मेरा सहेजा हुआ पल है ।
तू मेरे हर्ष , गर्व का प्रतीक है ,
भाई , मेरे मायके की तू शान है ।
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