छूट गया सब रेला-पेला ,
बढ़ चला तू अकेला ।
छुटी गलियां ,छूटे अंगना , छूट गया गाँव
छूट गए छोटे -बड़े हर पड़ाव ।
खुशियां छुटी ,छूटे आंसू , छूटा तेरा हाथ ,
छूट रहा धीरे -धीरे हर साथ ।
राखी छुटी ,साथी छूटा , छूट गयीं सब यादें ,
झगड़े छूटे , गाली छूटी ,छूट गयीं फरियादें ।
बारिश की बूँदें ,तपती दुपहरें , छूट गया हर मौसम ,
छूटी बातें , छूटी रातें , छूटा हर शाम ।
छूट गया सब रेला -पेला ,
बढ़ चला तू अकेला ।
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