वक़्त 

तू इंतज़ार नहीं करता 

ऐ वक़्त बहुत कुछ 

सिखाया तूने 

आज सीखा दे तू 

इंतज़ार न करना 

पंख लगाकर उड़ जाना 

रेत बनकर मुट्ठी से फिसल जाना 

जख्मों पर मरहम लगाना 

आज सिखा दे तू 

वक़्त की तरह बदल जाना 

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