थाम लेती हूँ उन तानों को
जिनसे बुनती हूँ
तेरी -मेरी प्रेम कहानी
बांध देती हूँ
बचपन को आज से
मासूमियत को समझौतों से
नज़दीकियों को दूरियों से
बिछड़ने को फिर से मिलने को
रंग देती हूँ तेरे रंग
सपनों को
सपनों से नींदों को
नींदों से रातों को
अब तन्हाई नहीं सताती
चुन लेती हूँ
यादों को
उम्मीदों को
चाहतों को
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