तुझे चाहना मेरा हक़ है,
पर ख़ुदा से तुझे माँग तो नहीं सकती।
तेरी यादें मेरी तक़दीर हैं ,
पर साथ ज़िंदगी बिता तो नहीं सकती ।
तू हर वक़्त है क़रीब,
पर तुझे बुला तो नहीं सकती ।
महसूस करती हूँ तुझे क़तरे-क़तरे में ,
पर तुझे छू तो नहीं सकती ।
इश्क़ है ये कह तो सकती हूँ ,
मग़र तुझे जता तो नहीं सकती ।
तुझे चाहना मेरा हक़ है ,
पर ख़ुदा से माँग तो नहीं सकती ।
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