काश कि ये वक़्त थम जाए
और मैं तुम्हे अपनी आँखों में भर लूँ
जी लूँ हर लम्हा तुम्हारे साथ
कि न जाने तुम फिर कब आओगे?
कुछ और देर रुक जाओ
तो मैं तुम्हे अपने कैनवास पर उतार लूँ
और अपने इंतज़ार के ब्रश से रंग दूँ
कि न जाने तुम फिर कब आओगे?

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