शायरी

जब मैंने इश्क़ लिखा
मुलाक़ात से ज्यादा इंतज़ार लिखा
उसके होने से ज्यादा उसकी यादों को लिखा
उसकी बाँहों से ज्यादा दूरियों को लिखा
इज़हार से ज्यादा खामोशियों को लिखा

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