शायरी

वो दौर गए जब तेरे चौखट पे सुबह को शाम करते थे,
तेरे एक कॉल के लिए मोबाइल से आँखें चार करते थे ,
उस बड़ी मुश्किल से आए एक msg के लिए रातों की नींद दुश्वार करते थे ।
यार, मोहब्बत एक नायाब हीरा है ,
ये और बात है कि तूने पाके उसे खोया है।

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