कि तू मुझे अब दूर से ही देखना,
क़रीब आने के हर ख्याल से खुद को जुदा रखना।
कि बड़े दर्द से खींची हैं दूरियों की लकीरें,
और तूने अब बदल दी हैं सारी तस्वीरें।
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कि तू मुझे अब दूर से ही देखना,
क़रीब आने के हर ख्याल से खुद को जुदा रखना।
कि बड़े दर्द से खींची हैं दूरियों की लकीरें,
और तूने अब बदल दी हैं सारी तस्वीरें।
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