मैंने देखा है, टूटते रिश्तों को,
कागज़ों में दस्तख़तों से।
वो जो कहते थे कभी, है मोहब्बत,
मैंने देखा है, बदलते हुए मोहब्बतों को,
ग़ैरों की ख़ातिर।
वो जो कभी बसाते थे, धड़कनों में,
मैंने देखा है, धड़कते धड़कनों को,
औरों के वास्ते।
वो जो कभी था चाँद मेरा,
मैंने देखा है, खिलते हुए चाँद को,
औरों की निगाहों में।
वो जो होते थे हमनवां,
मैंने देखा है, जाते हुए हमनवां को,
ग़ैरों की महफ़िल में।
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