शायरी

ज़िन्दगी के सफर का खूबसूरत मोड़ हो तुम,
मैं ठहर न सकूँ वो मक़ाम हो तुम।
तुम मेरे यादों की तक़दीर हो,
दिल के दर्द का एहसास हो।

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