शायरी

तू दुआवों सा पाक़ है,
ख़ाबो सा हसीं है ।
तू ख़ुदा की रहमत है,
मेरी वफ़ाओं का जज़ा है ।

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें