यह एलबम है,
साथ तस्वीरें तो नहीं,
पर साथ बिताए लम्हे
सहेजे हैं।
शिकायतों को
अपनी नाराज़गी
के लिफाफे में बंदकर,
तुम्हारी दहलीज़ पर
छोड़ आयी हूँ।
हाँ, तुम्हारे पास
वक़्त नहीं है,
ज़िम्मेदारियाँ हैं,
कुछ सुकून
एलबम में रख
आयी हूँ।
तुम्हे अलविदा कहना था,
पर तुम मिले ही नहीं।
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