मेरे जज़्बातों का करके खून,
वो मोहब्बत की उम्मीद लगाए हैं।
मुझे महफ़िल में करके रुसवा,
वो इंतज़ार की उम्मीद लगाए हैं।
मेरी आँखों से उड़ाके नींदें ,
वो ख़ाबों में आने की उम्मीद लगाए हैं।
मेरे दिल के करके टुकड़े,
वो धड़कनों की उम्मीद लगाए हैं।
मेरा हाथ छोड़कर गए यूँ ,
वो साथ चलने की उम्मीद लगाए हैं।

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