तुम्हारा हिसाब अच्छा है,
याददाश्त भी ठीक है,
बखूबी तुम बच्चों के
साथ जागी रातों को
उँगलियों में गिना देते हो,
और कितनी बार
नैपी बदली यह
भी ठीक-ठीक
बता देते हो।
मेरा हिसाब
कच्चा है,
याददाश्त भी
सही नहीं।
मेरी जागी रातें संख्याओं
में सिमीत नहीं हैं।
मेरी रातों का सम्बन्ध
मेरी कमज़ोर शरीर और
मेरी ममता से है,
और मैंने कितनी
नैपियाँ बदली
उनका सम्बन्ध
मेरी बच्चों की मुस्कराहट
और उनकी भूखी, भागती,
चिड़चिड़ी माँ से है।
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