एक-एक शब्द
पढ़ा तुमने मुझे
अख़बार की तरह ,
फिर कमरे में
सबसे पीछे कोने
पर रख दिया
किसी रद्दी की तरह।

आज फिर एक नई अख़बार
है तुम्हारे हांथों में
फिर पढ़ोगे तुम एक-एक शब्द
और फिर तुम ………………।

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