ग़ज़ल-ग़ज़ल इश्क़ तेरा,
सूफियाना है प्यार मेरा।
तू मनचली हसरत सी,
मैं दुआएं रूहानी-रूहानी।
तू प्रेम में ढलती कहानी,
मैं मीर की हूँ रूबाई।
मैं तेरे प्यार की हूँ तलाश,
तू मेरी मंज़िल-मंज़िल।
ग़ज़ल-ग़ज़ल इश्क़ तेरा ।
तू ख्वाबों का है मेहमां,
मैं पलकों का हूँ आशियाँ।
तू जैसे सागर की मौज,
मैं किनारे की ठहराव।
ग़ज़ल-ग़ज़ल इश्क़ तेरा ।
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