प्रेम निमंत्रण

तू साथ-साथ है आजकल,
मेरे पास-पास है हर पल।
तू समा रहा है सांसों में,
बस रहा है धड़कनों में।
बारिश की बूँदें बनकर,
कर रहा मेरे मन को तर।
आँखों में सज जा बांके काजल,
माथे में बिंदिया बांके चमक।
चूड़ी की खनक बन आ तू,
मेरा श्रृंगार बन आ तू।
आ प्रेम बांके ओ, सजन,
आज सरका दे लाज की चुनर।
खोल दे दिल के पट सारे,
बाँध ले मुझको संग तेरे।
अब पूर्ण हो हमारा मिलन,
स्वीकार कर मेरा प्रेम निमंत्रण।

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