• तुम्हारा हिसाब अच्छा है,याददाश्त भी ठीक है,बखूबी तुम बच्चों केसाथ जागी रातों कोउँगलियों में गिना देते हो,और कितनी बारनैपी बदली यहभी ठीक-ठीकबता देते हो। मेरा हिसाबकच्चा है,याददाश्त भीसही नहीं।मेरी जागी रातें संख्याओंमें सिमीत नहीं हैं।मेरी रातों का सम्बन्धमेरी कमज़ोर शरीर औरमेरी ममता से है,और मैंने कितनीनैपियाँ बदलीउनका सम्बन्धमेरी बच्चों की मुस्कराहटऔर उनकी भूखी, भागती,चिड़चिड़ी माँ… Read.

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें