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ईश्वर के आशीर्वाद सेमाँ के कोख सेजन्मीप्रेम हूँ मैं। पिता के आँगन में,पलीगौरव हूँ मैं। भाइयों संगबढ़तीसम्मान हूँ मैं। संतान कोपोसतीममता हूँ मैं। श्रृंगार सेसज्जितप्रणय हूँ मैं। मैं कदापिअधिकृतवस्तु नहीं,उपभोग कीसामग्री नहीं,अपमानितअबला नहीं, मैं तुच्छ और हीन नहीं। मैं नारी हूँ, नारी। Read.