• प्रियतम को रिझानेचली रमणी श्रृंगार करहोठों में लाली, आँखों में कजराऔर वस्त्र रेशमीअंत में लाज की चुनर धारप्रियतम का मन अकुलायारूप अप्रतिम देखकरलाज का चुनर उठायाहाथ से धरकरफिर लाली मिटायाउसने छूकरएक-एक कर दियावस्त्र तार-तारफिर चूड़ी टूटीगिर गया गलहारअंत में कजरा रोयाआँखों से बह धार Read.

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें