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अनकही सारी बातें वो, लिफ़ाफ़े में बंद हैं।ख़त जो लिखे तुझको, लिफ़ाफ़े में बंद हैं।तकिये में रखे थे सपने, आँखों में ग़ुम हैं।तेरी तस्वीर जो छिपाई, आँखों में ग़ुम हैं।मुस्कुराकर जो देखा तूने वो निगाहें, चेहरे पर हैं।हवा से कहा था छेड़ने वो ज़ुल्फ़ें, चेहरे पर हैं।इंतज़ार की जो कसक है, दिल के आले में… Read.