फिर तुम्हें जाना है

आओ मिलकर बैठ लें ,
फिर तुम्हे जाना है।
दो पल मुस्कुरा लें
मेरा फिर आंसू बहाना है ।

आओ मिलकर बैठ लें
फिर तुम्हे जाना है।

रूठने मनाने की रित निभा लें
फिर तुम्हे हाथ छुड़ाना है ।
तुम्हारे कंधे में रात बिता लूँ
मेरा फिर तकिये में सिर छुपाना है ।

आओ मिलकर बैठ लें
फिर तुम्हे जाना है ।

कुछ सपने तो चुन लें
फिर तुम्हे नींदों में खोना है ।
रास्तों में फूल सजा लें
मेरा फिर उन्हें ताकना है ।

आओ मिलकर बैठ लें ,
फिर तुम्हे जाना hai

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