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प्रिय सुनो,ये प्रतीक्षा नहीं भाती हैमुझे सौतन लगती हैमिलन में बाधा सी लगती है प्रिय सुनो,कुछ करो उपाययह पीड़ा असह्यकब तक सहूँ, हाय? प्रिय सुनो,ये दांव खेलती हैमन में शंका बोती हैतुम्हे आने से रोकती है प्रिय सुनो,अब तुम साक्ष्य रखनाचाँद, तारे सबसे कहनासंग प्रतीक्षा न लानाप्रिय सुनोसंग प्रतीक्षा न लाना Read.