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उंगली पकड़कर जिनका चलना सिखी,हाँथ थामकर आज साथ चलती हूँ।मैं पापा की माँ बन गयी | छाती पर जिनके सर रखकर रोती थी,हाथों से उनका सर सहलाती हूँ।मैं पापा की माँ बन गयी। कितनी दुकानें छानते जो मेरे फ्रॉक के लिए,उनके कपड़े अब मैं लाती हूँ।मैं पापा की माँ बन गयी। ‘पापा जल्दी आ जाना’… Read.