शायरी

1. जो इश्क़ हो जाए इंतज़ार से,
तो शिक़वा न करना।
ग़र इनकार कर दूँ मिलने से,
तो शिक़वा न करना।

2. तू साहिल बनता जा रहा है,
मैं कश्ती सी थम रही हूँ।
तू मेरा इश्क़ हो रहा है,
मैं तेरी आशिकी बन रही हूँ।

3. तेरा नाम सुकून रख दूँ,
या तुझे दर्द कहूं ?
तू मेरी ज़िन्दगी है,
या धड़कनें रुकने की वजह है ?

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