यादों की किताब सी
बनती ज़िन्दगी
कुछ पन्ने मैंने लिखे
कुछ औरों ने
पर हर शब्द पढ़ा मैंने
जज़्बातों की ऐनक
और दिल की आँखों से
कुछ पन्ने जर्ज़र से
कुछ फटे हुए
अपनी स्मृति छोड़ते
पर हर अक्षर याद है मुझे
तिनकों को जोड़कर घर बनाने की
कहानी
शौर्य गाथाएं
बुनियादों के हिलने, टूटने और बिखरने की
कहानी
और कुछ अंतहीन संघर्षों की कहानियां
ये किताब अब एक धरोहर बन
चुकी है
इसे मुझे आने वाले
कल को सौंपना है
इससे पहले
कि मैं स्मृति,
बीता हुआ कल बन जाऊँ।
टिप्पणी करे