• सखि, कौन सा मास ?भोर नहीं हुई,क्या है चौमास ?गीली सी हवा,क्या मेघ रहे बरस ? सखि, क्यों मौन हो ?मैं देख रही सब,क्यों आकुल हो ?मैं, तो धीर-धरी,तुम क्यों विचलित हो ? सखि, क्या याद नहीं ?आर्य आए थे,द्वार बारात भी आई।सभा के समक्ष,वरमाला थी पहनाई। सखि, वो वेला पावन,आर्य का रूप,अति मनभावन।जो दृष्टि… Read.

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